PM Kusum Yojana एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे भारत सरकार ने किसानों की आय में सुधार लाने और उन्हें सौर ऊर्जा उत्पादन में शामिल करने के उद्देश्य से लॉन्च किया है। इस योजना के तहत, किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप और सोलर पावर प्लांट स्थापित करने, साथ ही बंजर भूमि पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। 2025 तक, इस योजना के माध्यम से किसान न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली भी ग्रिड में बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं। PM Kusum Yojana का मुख्य लक्ष्य कृषि क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त करना, किसानों की आमदनी में वृद्धि करना, और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
Pradhan Mantri Kusum Yojana Solar Pump के तहत, किसानों को उनके कृषि कार्यों के लिए सौर ऊर्जा पर आधारित पंप सेट प्रदान किए जाते हैं। इससे डीजल और बिजली पर निर्भरता को कम किया जा सकता है, जिससे सिंचाई की लागत में भी कमी आती है। इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सशक्त बनाना, उनकी आय बढ़ाना, और पर्यावरण की रक्षा करना है। Pradhan Mantri Kusum Yojana Solar Pump किसानों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करती है, ताकि वे सोलर पंप और सोलर पावर प्लांट आसानी से स्थापित कर सकें। इससे उनकी ऊर्जा जरूरतें पूरी होती हैं और कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है।
1. योजना के मुख्य तीन भाग (Components)
पीएम कुसुम योजना को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
| घटक (Component) | विवरण | क्षमता |
| घटक A | बंजर या खाली जमीन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना। | 500 किलोवाट से 2 मेगावाट |
| घटक B | ऑफ-ग्रिड इलाकों में स्टैंडअलोन सोलर पंप लगाना। | 7.5 HP तक |
| घटक C | पहले से मौजूद बिजली वाले पंपों को सोलर से जोड़ना। | 7.5 HP तक |
2. सब्सिडी संरचना 2026 (Subsidy Structure)
2026 में सब्सिडी के नियमों को इस तरह बनाया गया है कि किसान पर आर्थिक बोझ कम से कम पड़े:
-
केंद्र सरकार की सब्सिडी: कुल लागत का 30%।
-
राज्य सरकार की सब्सिडी: कुल लागत का 30%।
-
बैंक ऋण (Loan): कुल लागत का 30% तक (यदि आवश्यक हो)।
-
किसान का हिस्सा: केवल 10%।
विशेष राज्यों के लिए: उत्तर-पूर्वी राज्यों, पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड) और द्वीप क्षेत्रों में केंद्र सरकार की सब्सिडी 50% तक होती है, जिससे किसान का खर्च और भी कम हो जाता है।
3. 2026 में इस योजना के बड़े लाभ
-
मुफ्त बिजली: सिंचाई के लिए बिजली के बिल या डीजल के खर्च से पूरी तरह मुक्ति।
-
अतिरिक्त कमाई: यदि किसान अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा करता है, तो वह उसे डिस्कॉम (DISCOM) को बेचकर सालाना ₹30,000 से ₹60,000 तक कमा सकता है।
-
दिन में सिंचाई: रात में खेतों में पानी लगाने की समस्या खत्म, अब किसान दिन की रोशनी में सुरक्षित सिंचाई कर सकते हैं।
-
बंजर जमीन का उपयोग: खेती के लिए अनुपयुक्त जमीन पर सोलर पैनल लगाकर आय का जरिया बनाया जा सकता है।
4. पात्रता और आवश्यक दस्तावेज
पात्रता (Eligibility)
-
व्यक्तिगत किसान, किसानों का समूह (FPO), पंचायत या सहकारी समितियां।
-
सोलर प्लांट लगाने के लिए जमीन सब-स्टेशन से 5 किमी के दायरे में होनी चाहिए (घटक A के लिए)।
जरूरी दस्तावेज (Documents)
-
आधार कार्ड
-
जमीन के दस्तावेज (खसरा-खतौनी/जमाबंदी)
-
बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
-
मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
-
पासपोर्ट साइज फोटो
5. आवेदन कैसे करें? (Online Process)
2026 में आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है:
-
आधिकारिक वेबसाइट: अपने राज्य की ऊर्जा विकास एजेंसी (जैसे: UPNEDA, HAREDA, BRADA) या राष्ट्रीय पीएम-कुसुम पोर्टल पर जाएं।
-
पंजीकरण: “New Registration” पर क्लिक करें और अपनी जानकारी भरें।
-
दस्तावेज अपलोड: मांगी गई जमीन और पहचान से जुड़ी फाइलों को स्कैन करके अपलोड करें।
-
भुगतान: यदि कोई पंजीकरण शुल्क है, तो उसे पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा करें।
-
सर्वेक्षण: आवेदन के बाद विभाग के अधिकारी आपकी जमीन का निरीक्षण करेंगे और मंजूरी देंगे।
सावधानी: पीएम-कुसुम योजना के नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं। हमेशा ध्यान रखें कि आधिकारिक वेबसाइट के अंत में .gov.in जरूर हो। किसी भी व्यक्ति को नकद पैसे न दें।